मुरादाबाद को दूसरा जामताड़ा बनाने की थी तैयारी, मात्र 23 रुपये में बेच देते थे हर व्‍यक्ति का डाटा

Fraud in Name of Loan :

Advertisement
आनलाइन शापिंग, क्रेडिट और डेबिट कार्ड से खरीद के साथ ही इंटरनेट मीडिया में बने अकाउंट में जो जानकारी मांगी जाती हैं, उनका इस्तेमाल साइबर ठग करते हैं। आपकी पसंद, नापसंद के साथ ही जरूरत क्या है, इसको देखकर ही आपके पास आफर भेजा जाता है।

एक व्यक्ति का डाटा 23 रुपये में बिकता

इन जानकारियों का इस्तेमाल अब साइबर ठग करने में जुटे हैं। साइबर ठगों को नाम, मोबाइल नंबर, घर का पता, जन्म की तारीख से लेकर प्रत्येक जानकारी बेची जा रही है। जानकारी के लिए 23 रुपये प्रति व्यक्ति कीमत भी वसूलते हैं। साइबर ठग प्रतिदिन लोगों के मोबाइल नंबर और जानकारी लेने के लिए लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं।

जामताड़ा की तरह बन रहा था मुरादाबा

पूरे देश में सिंडीकेट काम कर रहा है। व्यापारियों, कारोबारियों, उद्योगपतियों, निर्यातकों और निजी और सरकारी क्षेत्र में काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी बेचकर उसकी कीमत वसूली जा रही है। झारखंड के जामताड़ा की तरह मुरादाबाद इसका केंद्र बन चुका है।

संभल का तालेवर बेचता था डेटा


मुरादाबाद मंडल में आम लोगों का डेटा बेचने का काम सम्भल जनपद निवासी तालेवर यादव कर रहा है। आरोपितों से पूछताछ में इस पूरे गैंग के सरगना का नाम पुलिस को पता चला है। तालेवर यादव को पकड़ने के लिए पुलिस टीम अलग-अगल राज्यों में छापेमारी कर रही है।

पूछताछ में सामने आईं चौंकाने वाली बातें

दोनों काल सेंटरों से पकड़े गए संचालक रवी चौधरी और लखेन्द्र पुलिस की पूछताछ में कई चौकाने वाली जानकारी दी है। आरोपितों ने बताया है कि उन्हें प्रतिदिन काल करने के लिए नंबर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी तालेवार यादव की होती थी। प्रति व्यक्ति 23 रुपये का डेटा वह बेचता था। जिसमें मोबाइल नंबर, पता और उनके काम की जानकारी होती थी।

दूसरे राज्य का नाम आने के बाद पुलिस की जांच भी ठंडी हो जाती थी। शहर में लोगों को ठगने का काम शहर के बीच में बैठकर किया जा रहा है, पुलिस को अभी तक इस बात की भनक तक नहीं थी। पुलिस बीते दो दिनों से काल सेंटर संचालकों और ट्रेनरों से पूछताछ कर रही है। जिसमें कई चौकाने वाले नाम सामने आएं हैं।

नौकरी की तलाश में भटक रहीं युवतियों को काल सेंटर में नौकरी का लालच देकर रखा जाता था। इसके बाद उन्हें प्रशिक्षण देकर मुरादाबाद के संपन्न और सेवानिवृत्त लोगों को फोन करके सस्ता लोन दिलाने का लालच दिया जाता था। इस गैंग का सरगना तालेवर यादव इससे पहले दिल्ली रोड के पार्श्वनाथ प्लाजा में काल सेंटर खोलकर लोगों को ठगने का काम कर रहा था। लेकिन कुछ माह बाद ही वह स्थान बदल देता था।

हाउसिंग सोसायटी के गेट रजिस्टर से डेटा चोरी का खेल

ठगी के लिए लोगों का डेटा हासिल करने के लिए हाउसिंग सोसायटी के गेट रजिस्टर पर साइबर ठगों की निगाह रहती है। इस रजिस्टर में बाहर से आने-जाने वालों की पूरी जानकारी और मोबाइल नंबर होता है। इस डेटा को हासिल करने के लिए साइबर ठग गार्ड को कुछ पैसों का लालच देकर रजिस्टर का पीडीएफ बनाकर ले लेते हैं। इसके बाद इस डेटा का इस्तेमाल भी लोगों से ठगी करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मुरादाबाद की हाउसिंग सोसायटी के रजिस्टर से भी साइबर ठगों ने डेटा लेने का काम किया है।

Edited By: khushi gupta

Leave a Comment

क्या वोटर कार्ड को आधार से जोड़ने का फैसला सही है?